बिहार की प्रमुख झीलें
काँवर झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
काँवर झील अथवा कावर झील जिसे स्थानीय रूप से काबर ताल , कंवर ताल या काँवर ताल भी कहते हैं, बिहार के बेगूसराय जिले में मीठे पानी की उथली झील है| इस झील और आसपास की नमभूमि (वेटलैंड) को पक्षी विहार का दर्जा प्राप्त है| झील के नजदीक ही जय मंगल गढ़ के नाम से एक प्रसिद्ध एक मंदिर भी है जिसे पाल वंश के काल में स्थापित माना जाता है |
- कांवर झील बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के मझोला गांव में स्थित है । इस झील को बिहार सरकार ने 1984 ई. में पक्षी विहार का दर्जा दिया था, जिसकी क्षेत्रफल 16 वर्ग किलोमीटर है।
- कांवर झील को भारत का 39 वां रामसर साइट घोषित किया गया है । यह बिहार का पहला रामसर स्थल है।
- यह झील एशिया की सबसे बड़ी गोखुर झील है।
- इस झील निर्माण बूढी गंडक नदी से हुआ है ।
- कांवर झील में सर्दियों के दिनों में साइबेरिया के प्रवासी पक्षी आते हैं ।
- यह झील गंडक, बिया और करेह नदी के संगम से पानी खींचती है।

कुशेश्वरस्थान झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
- कुशेश्वरस्थान झील बिहार के दरभंगा के कुशेश्वरस्थान प्रखंड में स्थित है ।
- इस झील को 1972 ई. में पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया, इस झील में सर्दी के दिनों में पेलिकन डालमटिया (Pelican Dalmatia) तथा साइबेरियन क्रेन (Siberian Cranes) नामक प्रवासी पक्षी निवास करती है ।
- कुशेश्वरस्थान झील का क्षेत्रफल सर्दी के दिनों में 20 किलोमीटर तथा वर्षा के दिनों में 100 किलोमीटर तक हो जाता है । वर्षा के दिनों में कमला और करेह आदि नदियों के जल एकत्रित होनेेे के कारण इसका विस्तार हो जाता है ।
- कुशेश्वरस्थान झील जैव विविधता का दुर्लभ उदाहरण होनेेे के एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भी है । साथ ही साथ यह मछली पालन एवं व्यापार का एक बड़ा केंद्र भी है ।
गोगाबिल झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
- गोगाबिल झील को घोघा चाप या घोघा झील भी कहते हैं। यह झील बिहार राज्य के कटिहार जिले के मनिहारी में स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 5 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
- यह झील बिहार का 15 वां आरक्षित क्षेत्र एवं पहला समुदायिक अभ्यारण भी है।
- इस झील को मानसूनी वर्षा के साथ-साथ महानंदा नदी से भी जल प्राप्त होता है।
- गोगाबिल झील प्रवासी पक्षियों के लिए भी प्रसिद्ध है, यहां हर वर्ष हजारों की तादाद में कैप्शियन सागर और साइबेरियाई क्षेत्र से लगभग 300 प्रजाति के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं।
सिमरी झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
- सिमरी झील बिहार राज्य के सहरसा से 25 किलोमीटर की दूरी पर सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में स्थित है।
- सिमरिया बख्तियारपुर झील की आकृति घोड़े की नाल की तरह है ।
- इस झील के दक्षिण – पश्चिम में कावर झील तथा उत्तर – पश्चिम में कुशेश्वरस्थान झील है।
जगतपुर झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
- जगतपुर झील राज्य के भागलपुर जिले में स्थित है।
- इसका क्षेत्रफल 400 हेक्टेयर में है जो गर्मी के मौसम में सूख कर 50 हेक्टेयर तक रह जाता है।
- जगतपुर झील में स्थानीय लोगों एवं सरकार की सहायता से देशी और विदेशी प्रजातियों के पक्षियों का संरक्षण किया जा रहा है ।
उदयपुर झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
- यह गंडकी नदी द्वारा निर्मित एक गोखुर झील है।
- इसे सरैया मन भी कहते हैं।
- यह पश्चिम चंपारण जिला में है।
अनुपम झील (बिहार की प्रमुख झीलें)
- यह कैमूर वन्य जीव अभ्यारण्य में स्थित है।
- इसके नजदीक करकट और तेल्हार जलप्रपात हैं।
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